सुरक्षित सीट, रामसहाय वर्मा और प्रशांत बैरवा दूसरी बार दोनों होंगे आमने-सामने।

सुरक्षित सीट, रामसहाय वर्मा और प्रशांत बैरवा दूसरी बार दोनों होंगे आमने-सामने।

अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट (Safe Seat) निवाई पीपलू विधानसभा, दूसरी बार रामसहाय वर्मा और प्रशांत बैरवा दोनों होंगे आमने-सामने।

टोंक जिले की एससी आरक्षित सीट निवाई पीपलू, भाजपा- कांग्रेस दोनो ने नहीं दिया ध्यान..ग्रामीण परेशान। विधायक के नजदीकी सरपंच एवं जनप्रतिनिधियो की लापरवाही आने लगी सामने। कांग्रेस-भाजपा को भीतर घात का खतरा.. प्रचार प्रसार में आने लगी खामियां सामने।

निवाई (न्यूज़ अपना टोंक) – टोंक ज़िले की एक मात्र अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट (Safe Seat) निवाई पीपलू विधानसभा है, जिसमें मुकाबला कांटे का बना हुआ है। वजह- इस बार पुनः आमने-सामने पुराने प्रतिद्वंद्वी ही मैदान में हैं। कांग्रेस ने विधायक प्रशांत बैरवा को दोबारा से मैदान में उतारा है तो भाजपा ने फिर से पूर्व प्रत्याशी रामसहाय वर्मा को टिकट दिया है। यह सीट एससी में बैरवा, रैगर समाज बाहुल्य है, जिस पर स्थानीय उम्मीदवार का सीधा प्रभाव है, क्योंकि वे इसी समाज से आती हैं।

खास यह है कि यहां सामान्य व ओबीसी वर्ग जीत-हार तय करता आया है, लेकिन रालोपा से प्रहलाद नारायण बैरवा के बागी होकर मैदान में होने से अभी तक मामला उलझा हुआ दिख रहा है जिनका फायदा सीधा भाजपा के रामसहाय वर्मा को मिलता सकता है। इस बार मीणा-गुर्जर वोट बैंक पर भाजपा एवं कांग्रेस नजर लगाए बैठी है कोई गलती माफ़ करने की बोल रहा है कोई भविष्य में गलती नहीं करने की विनती करते नजर आ रहे हैं।

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क्षेत्र की 3 बड़ी समस्याएं हैं जो 15 साल में भी सुलझाई नहीं जा सकी 
मुख्यमंत्री अशोक गहलोत प्रशासन गांव शहरो के संग अभियान में पट्टे वितरण के नाम फाइल जमा हुई लेकिन शहरी क्षेत्र में नगर पालिका के अधिकारियो द्वारा पट्टे नहीं दिए गए। ग्रामीण क्षैत्र ग्राम पंचायत पहाड़ी, खण्डवा, रजवास, झिलाय, सिरस, ललवाड़ी, दतवास, नोहटा, आदि ग्राम पंचायतों में ग्रामीणों को ग्राम विकास अधिकारी एवं सरपंच द्वारा पटवारी आदि गलती बताकर गुमराह करते रहे जिसे लोगों पट्टे नहीं मिले।

निवाई से राजवास, बगड़ी, जोला आदि गांवों के करीब 50- 60किलोमीटर में बसी गावों – कॉलोनियों में सड़को का विस्तार नहीं हुआ। वर्ष 1999में भारत पाक कारगिल युद्ध में विजय होने एवं शहीदो की याद में बसाए क्लोजर को विभागीय कार्मिकों द्वारा उजाड़ कर बेचना पुनः नहीं बसाने एवं शहीद सैनिकों का अपमान लोगों को रास नहीं आ रहा। इस बार 35हज़ार वोटर नए जुड़े हैं यह संख्या जीत-हार में बड़ा रोल निभाएगी। 2013के चुनावों में राजपा प्रत्याशी यहां से 19 हजार वोट ले गया था। इस बार रालोपा,आप मैदान में ये कांग्रेस को ज्यादा नुकसान कर सकते हैं।

खण्डवा निवासी शिवपाल शर्मा बताते हैं कि जो विकास कार्य हुए हैं, उसका लाभ विधायक प्रशान्त बैरवा के चहेतों तक ही सीमित रहा है। जमीन से जुड़े कार्यकर्ताओं अपमान होता रहा पंचायत समिति, तहसील आदि के आधिकारी लीगल कार्य के लिए भी परेशान करते है। बरथल निवासी मूलचंद मीणा, गोरी लाल मीणा,राजाराम, वार्ड पंच रहे कमलेश ने बताया की दोनों ही दलों के प्रत्याशी जीतते आए हैं, लेकिन आबादी को पट्टे नहीं मिल पाए हैं।

वन क्षेत्र निवास करने वाले लोगो को पट्टे देने के लिय आदेश आए हम आदिवासी लोगो को आजतक पट्टे नही मिले।
बीसलपुर परियोजना में ज्वाला धाम दुर्गा माता मंदिर के पास पम्प हाउस बनना था भाजपा सरकार रजवास में ले गई जिससे करोड़ो रूपयो खर्चा हुआ और क्षेत्र के प्रतिष्ठित मंदिर ज्वाला धाम गुड्डा-बरथल आने वाले यात्रियों के पानी की समस्या से जूझ रहे है।

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भाजपा के रामसहाय की ताकत – सीट एससी के लिए आरक्षित लेकिन जीत-हार सामान्य व ओबीसी वर्ग तय करता है, जो भाजपा का परंपरागत वोट बैंक मानते है। निवाई शहरी क्षेत्र ग्रामीण क्षेत्र के ओबीसी वर्ग का आर्थिक स्थिति मजबूत वाले लोगों की रामसहाय वर्मा की सीधी पकड़ है।

कमजोरी- वर्मा की एससी वर्ग में कमजोर पकड़ का नुकसान, चुनाव हारने के बाद पांच साल सक्रिय नहीं रहे और ना ही युवाओं की टीम तैयार करवा सके। साथ ही भाजपा में टिकट के दावेदारों की लंबी सूची थी, रैगर समाज के स्थानीय उम्मीदवार टिकिट की मांग कर रहे थे जिससे भीतरघात होने की संभावना है।

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कांग्रेस के प्रशांत बैरवा की ताकत – मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की राजस्थान में प्रशासन गांव शहरो के संग अभियान चलाकर लोगो को पट्टे वितरण करवाना। चिरंजीवी योजनाओं में 25लाख तक ईलाज फ्री, 10लाख का दुर्घटना बीमा, कर्मचारियों के लिए ओपीएस लागू करना, सरकारी कार्यालयों में कार्यरत कम्प्यूटर ऑपरेटरों एवं मेनपॉवर से ठेका प्रथा खत्म कर सीधे संविदा एवं नियमित करने के आदेश, महात्मा गांधी सेवा प्रेरक भर्ती, शांति एवं अहिंसा विभाग की स्थापना कर देश में राजस्थान को पहला स्थान दिलाना आदि का लाभ सीधा कांग्रेस को मिल रहा है। शिक्षा स्वास्थ्य उपखण्ड स्तर पर कॉलेज, सड़क, पानी, लाइट आदि मूलभूत सुविधाओं से लोगो सीधा जुड़ाव।

कमजोरी – बैरवा की एससी वर्ग में कमजोर पकड़ का नुकसान, चुनाव जीत कर विधायक बनने के बाद पांच साल सक्रिय रहे लेकिन जमीनी कार्यकर्ताओं को सामने आते ही मुंह फेरना, अनजान बनकर रहना। युवाओं की टीम तैयार को कमजोर करना। पूर्व विधायक कमल बैरवा का टिकिट काटने से कार्यकर्ताओं की नाराजगी। पुराने वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का साथ नहीं होने आदी कारणो से भीतरघात होने की संभावना है।

बचाव ही उपाय – विधायक प्रशांत बैरवा पुराने कार्यकर्ताओं पार्टी के लोगों को मनाकर मंच पर लाए, शहरी क्षेत्र में लोगो से सीधा सम्पर्क कर गलती भुनाने ग्रामीण लोगो, युवाओं को विश्वास में लेना अधिक से अधिक मतदान कांग्रेस के पक्ष में करना।

भाजपा के रामसहाय द्वारा टिकिट की मांग कर रहे स्थानीय उम्मीदवार को मनाना, वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का साथ लेना, चुनाव हारने के बाद क्षेत्र से गायब रहने की कमी दूर करना, युवाओं में मजबूत पकड़ कर विश्वास में करना,शहरी क्षेत्र के वोट बैंक को बनाए रखना, मिडिया मेंजमेंट बनाए रखना, रालोपा और आप जाने वाले वोट को भाजपा के पक्ष में करना ही उपाय है।

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Vimal Jola

विमल जौला निवाई शहर के न्यूज़ रिपोर्टर है। जिनका मुख्य उद्देश्य निवाई तहसील के आस पास की सभी खबरों को जन जन तक पहुंचाना एवं जनता को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक करना है। अपने आस पास की ख़बरों, लेखों एवं विज्ञापन के लिए सम्पर्क करें - 8104889200, 9251566935

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